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UP Weather: अगले 3 घंटे में लखनऊ, वाराणसी, आगरा सहित 30 जिलों में बारिश की चेतावनी, यूपी में मौसम सुहाना - News18 Hindi

UP Weather: अगले 3 घंटे में 30 जिलों में बारिश की चेतावनी • आगामी तीन घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश के लगभग 30 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी है, जिसमें लखनऊ, वाराणसी और आगरा जैसे बड़े शहर शामिल हैं। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार गरज-चमक के साथ हल्की से भारी वर्षा हो सकती है, जिससे सड़कों पर पानी जमा हो सकता है और ट्रैफिक में देरी की संभावना बढ़ जाती है। • बारिश का क्षेत्रीय प्रभाव व्यापक होगा; कुछ जिलों में तेज बारिश और आंधी के साथ लघु अवधि की बारीश भी संभव है। जलभराव के जोखिम के कारण निचले इलाकों, खासकर बस्तियों और कस्बों के पास सक्रिय निगरानी जरूरी है। इससे किसानों के खेतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है और आवक-जावक में बदलाव हो सकता है। • शहरी और ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति और बिजली सेवाओं पर अस्थायी असर पड़ने की संभावना बनती है। बारिश के कारण यात्री और स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों को समय-समय पर मार्ग बदलना पड़ सकता है, რადგან कुछ स्थानों पर ट्रैफिक नियंत्रण और दूरी बनाए रखना जरूरी हो सकता है। • नागरिकों से अपील है कि बारिश के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन करें: घर के बाहर...

पुलिस की हर गोली घुटने के नीचे कैसे लगती है... यूपी पुलिस के हॉफ एनकाउंटर पर हाईकोर्ट का सवाल, CBI जांच का ... - News18 Hindi

हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस के हॉफ-एनकाउंटर पर उठाये सवाल: सतही जवाब नहीं, सीबीआई जाँच की माँग संकेतित • हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस के हॉफ-एनकाउंटर से जुड़े आरोप-प्रकरण पर स्पष्टता मांगते हुए गोलीबारी के मानक, रिकॉर्ड-कीपिंग और मौके की परिस्थितियों के परीक्षण के बगैर निर्णय लेने की प्रथाओं पर सवाल उठाए, ताकि यह पता चल सके कि कार्रवाई कितनी प्रामाणिक और तर्कसंगत थी। अदालत ने पूछा कि ऐसी घटनाओं में सत्यापन योग्य तथ्य कैसे इकट्ठे किए जाते हैं और क्या सुरक्षा-उत्पन्न मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित है। • मानवाधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन की अहमिता पर चर्चा करते हुए न्यायमूर्ति ने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र, समय पर और पारदर्शी जाँच आवश्यक है; अगर फौरन संभावित गलतियाँ या अतिउत्प्रयोग के संकेत मिले, तो उन पर भी गहराई से गौर किया जाए। • सीबीआई जांच की संभावना पर विचार करते हुए अदालत ने कहा कि स्वतंत्र एजेंसी द्वारा निष्पक्ष जाँच, रिकॉर्ड्स, मोबाइल-वीडियो, कथनों और फोरेंसिक साक्ष्यों की सतर्क समीक्षा होने तक मामले की निष्पक्षता बनी रह सकती है; इस पर आपसी समझौते के सा...

सपा के 'नए चाणक्य' की सीक्रेट रिपोर्ट से उड़ी नींद, परिवारवाद या सरेंडर, क्या चुनेगी समाजवादी पार्टी? - News18 Hindi

सपा के नए चाणक्य की रिपोर्ट से उड़ी नींद: परिवारवाद बनाम सरेंडर? • नई सीक्रेट रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के साथ समाजवादी पार्टी की रणनीतिक दिशा पर सवाल खड़े हो गए हैं; रिपोर्ट में 'नए चाणक्य' के सुझाव, तर्क और आलोचनाओं को केंद्र में रखते हुए पार्टी के भीतर बेचैनी बढ़ी है और भविष्य की राह पर अनिश्चितता गहरी हो गई है। • परिवारवाद बनाम सुदृढ़ नेतृत्व की बहस तेज हो गई है; कुछ नेताओं का तर्क है कि रिपोर्ट पारिवारिक विरासत को मजबूत बनाने की कोशिश का संकेत देती है, जबकि अन्य इसे पार्टी के ढांचे में सुधार और निर्णय-प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की जरूरत बतला रहे हैं। • पार्टी के रणनीतिक तंत्र ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंतरिक चर्चा तेज कर दी है; सूत्रों के मुताबिक शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट नीति, संवाद और मतदाताओं के भरोसे को बनाये रखने के लिए कदम उठाने की मांग की है, ताकि भ्रम को दूर किया जा सके। • आगामी चुनावी कैलेंडर पर इसका असर साफ दिख रहा है; संभावित उम्मीदवार चयन, सीट-बंटवारे और विपक्ष के आरोप-प्रचार से निपटने की रणनीति पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा, और कई दृष्टिकोणों को संतुलि...

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'आजम खान को परेशान देखना चाहते हैं अखिलेश यादव', सपा नेता के ठिकानों पर ED छापेमारी पर एनडीए नेता ने जताया ... - News18 Hindi

आजम खान को परेशान देखना चाहते हैं अखिलेश यादव: ED छापेमारी पर NDA नेता ने जताई प्रतिक्रिया - ED ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की पुष्टि की है, जो भ्रष्टाचार और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों के पीछे पड़ती दिखती है. इन कार्रवाइयों को राजनीतिक संकेतों के साथ देखते हुए विपक्ष ने इसे सरकार की राजनीतिक शिकंजाबंदी करार दिया है, वहीं एजेंसी ने इसे कानून के भीतर संचालित प्रक्रिया बताया है. - सपा के प्रमुख अखिलेश यादव के बारे में प्रचार-तथ्य में कहा गया है कि उन्होंने कहा, “आजम खान को परेशान देखना चाहें तो देखेंगे,” जिसे समर्थकों के बीच एक राजनीतिक संकेत के रूप में माना जा रहा है. इस बयान के जरिये पार्टी ने एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने के आरोपों के बीच अपने विपक्षी मोर्चे को मजबूती देने की कोशिश की है. - NDА नेताओं ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया में कहा है कि कानून के अनुसार ही छापेमारियाँ होनी चाहिए, और राजनीतिक रंग देना उचित नहीं. उनका तर्क है कि जाँच की निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए ताकि जनता के बीच कानून-प्रवर्तन की सकारात्मक छवि बनी रहे. - र...

BJP के बाद कांग्रेस ने भी कर दी मीडिया टीम गठित, जानें किसे क्या जिम्मेदारी दी गई, फोकस– यूपी चुनाव - News18 Hindi

कांग्रेस ने भी मीडिया टीम गठित, यूपी चुनाव पर फोकस • कांग्रेस ने बीजेपी के मॉडल के अनुरूप UP चुनावों के मद्देनजर अपनी मीडिया टीम गठित कर दी है, ताकि पार्टी का संदेश एकरूप, त्वरित और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुँचे, विपक्षी दलों के आरोपों का सही और स्पष्ट जवाब मिले, और मीडिया कवरेज में संचार रणनीति का समन्वय बना रहे। यह कदम यूपी की राजनीतिक गर्माहट के बीच संचार ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। • टीम में वरिष्ठ प्रवक्ताओं की स्पष्ट भूमिका तय की गई है, साथ ही डिजिटल और सोशल मीडिया विशेषज्ञों, सामग्री निर्माताओं और प्रेस-relations के समन्वयक के पदों का वितरण किया गया है; ताकि विज्ञप्तियाँ, ब्रीफिंग नोट्स और रियल-टाइम प्रतिक्रिया हर प्लेटफॉर्म—टीवी, रेडियो, समाचार पोर्टल और सोशल मीडिया—पर एक समान संदेश के साथ पहुँचे। • फोकस यूपी चुनाव पर है और टीम ने राज्य के स्थानीय मुद्दों, विधानसभा क्षेत्रीय दायरे के हिसाब से कंटेंट कैलेंडर, भाषाई अनुकूल संदेश और बैनर-विज़ुअल्स के संश्लेषण की योजना बनाई है; ताकि क्षेत्रीय तस्दीक और जनमानस के रुझानों के अनुसार संवाद स्थापित कर सकें...

BSP का फोकस पूर्वी UP पर क्यों? आकाश आनंद की रैलियों से पहले समझिए मायावती का पूरा प्लान - News18 Hindi

पूर्वी यूपी पर BSP का बड़ा दांव: मायावती का पूरा प्लान • पूर्वी UP को चुनाव रणनीति का केंद्र बनाते हुए BSP ने गैरिक संगठन को मजबूत करना शुरू किया है। मायावती के मुताबिक यह क्षेत्र चुनावी निर्णयों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है, क्योंकि यहां दलित-युवा-आदिवासी समेत कई वोट बैंक एक साथ प्रभावित होते हैं। • आकाश आनंद की रैलियों से पहले BSP की तैयारी काफी सक्रिय है: बूथ अध्यक्षों और क्षेत्रीय नेतृत्व से संपर्क मजबूत किया गया है, door-to-door प्रचार, पब्लिक मीटिंग्स, सोशल मीडिया कैंपेन और स्थानीय मुद्दों पर फोकस किया गया है। • दलित मतदाता के साथ समाज के अन्य समूहों को भी जोड़े रखना मायावती की प्राथमिकता है। पार्टी स्थानीय संतुलन बनाए रखने के प्रयासों के साथ महिलाओं, युवाओं और किसानों के मुद्दों को भी एजेंडे में ला रही है। • एजेंडा केंद्रित कदम: शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन पर फोकस किया जा रहा है; क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय के संकेत भी जोर पकड़ रहे हैं। इसके साथ BSP ने स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक लेने के लिए शहर-गांव में सतत संवाद और छोटे-छोटे विकास कार्...

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'वो अपनी बात कहें, लोकतंत्र में जनता ही बनाती है', जयंत चौधरी ने यूं डिरेल किया अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाल... - News18 Hindi

लोकतंत्र में जनता की आवाज निर्णायक: जयंत चौधरी की टिप्पणी • रिपोर्ट के मुताबिक, जयंत चौधरी ने लोकतंत्र की सबसे अहम बात साफ की: सत्ता का असली नियंत्रण जनता के हाथ में होना चाहिए. उन्होंने कहा कि नागरिक अधिकार, आवाज़ और सवालों की स्वतंत्रता के बिना शासन-निर्णय जवाबदेह नहीं हो सकता. लोकतंत्र की वास्तविक ताकत जनता की भागीदारी में है, जिसे राजनीतिक ताकतवरों के बीच संतुलन बनाकर सुनिश्चित किया जाना चाहिए. • अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाले विवाद से जुड़े प्रसंग पर चौधरी ने कहा कि ऐसी बहसों में जनता की आवाज़ को केंद्र में रखा जाना चाहिए. जनता की समझ और उनकी शिकायतें ही राजनीति की दिशा तय करती हैं, न कि केवल नारों या प्रत्यक्ष आरोप-प्रत्यारोप पर. यह समय है जब सत्ता-स्थापकों को जनता के सवालों पर ठोस जवाबदेही दिखानी चाहिए. • उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष और सरकार के बीच खुला, जवाबदेह और निरंतर संवाद जरूरी है; आलोचना लोकतंत्र की मजबूती है, लेकिन इसे पाखंड से दूर रखना चाहिए ताकि निर्णय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनी रहे. यदि संवाद कमजोर रहेगा तो नीतिगत फैसले जनता के लिए फिट नहीं होंगे और आम...

यूपी चुनाव 2027 में बीजेपी का फोकस 'कुर्मी' पर क्यों, अखिलेश यादव के PDA से क्या है कनेक्शन? - News18 Hindi

यूपी चुनाव 2027 में बीजेपी का कुर्मी समुदाय पर फोकस, PDA से क्या है अखिलेश यादव से कनेक्शन? • बीजेपी उत्तर प्रदेश के कुर्मी समाज की राजनीतिक ताकत को भांपकर 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक स्पष्ट संवाद-आधार और विकास-केन्द्रित प्रचार रणनीति पर काम कर रही है. स्थानीय नेतृत्व के चयन, गांव-गांव doorstep प्रचार, और कृषि-उन्नति तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संदेशों के जरिये कुर्मी वोट बैंक के साथ भरोसा बनाने की कोशिश तेजी से बढ़ी है. पार्टी का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में स्थापित जनसंपर्क को मजबूत करना है जहां कुर्मी मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, ताकि बड़े पैमाने पर वोट-शिफ्टिंग संभव हो सके और विपक्ष के पास वैकल्पिक ध्रुवीकरण के अवसर कम हों. • विश्लेषक मानते हैं कि कुर्मी समुदाय यूपी के कई जिलों में कृषि-आय और सामाजिक स्थितियों से जुड़ा एक अहम समूह है, जिसका राजनीतिक जीरो-इन सीधे चुनाव-नतीजों को प्रभावित कर सकता है. बीजेपी का प्रयास है कि कुर्मी मतदाताओं के लिए स्थानीय-नियंत्रण, रोजगार और खेत-उत्पादन से जुड़े फायदों को प्रमुख राष्ट्रीय-राजनीतिक प्रचार में चमकाया जाए, ताकि विकास-आधारि...

अभी भी अतीक के बेटे की मौत पर पीट रही हैं छाती... सुमैया राना और राकेश त्रिपाठी में जमकर तू-तू, मैं-मैं - News18 Hindi

अतीक के बेटे की मौत पर सुमैया राना और राकेश त्रिपाठी में ऑन-एयर तीखी बहस • News18 Hindi के अनुसार, अतीक के बेटे की मौत से जुड़े घटनाक्रम पर टीवी शो के स्टूडियो में सुमैया राना और राकेश त्रिपाठी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसमें भावनाओं का उफान, एक-दूसरे के तर्कों पर सीधे निशाना साधना और राजनीतिक-नैतिक मुद्दों को लेकर स्पष्ट मतभेद उभरकर सामने आ गए। दोनों ने मौत के प्रश्नों को लेकर कठोर शब्दावली का इस्तेमाल किया, जबकि मंच संचालक स्थिति को काबू में रखने की कोशिश करता रहा। • बातचीत के दौरान दोनों के तर्क एक-दूसरे से टकराते रहे, और कुछ वक्त तक बहस मंच के नियमों से बाहर होते हुए भी चली; संवेदनशील विषय पर टिप्पणी करने के तरीके, तथ्यों के पुनर्मूल्यांकन और किन दायित्वों के दायरे में बात की जाए, इस पर स्पष्ट विभाजन दिखा। • घटना ने दर्शकों के बीच भी बहस को और जीवंत कर दिया; मौत से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप को सार्वजनिक मंच पर उठाने के नैतिक औपचारिकताओं, चैनल के शो-फॉर्मेट और वास्तविक-जवाबदेही की मांग पर चर्चा बढ़ी, जिससे इस मुद्दे की संवेदनशीलता और बढ़ गई। • सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की...

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सपा विधायक महाराजी देवी कौन हैं जो CM योगी के लिए पढ़ रहीं कसीदे, इनके पति 10 साल में बीपीएल से बने करोड़पत... - News18 Hindi

CM योगी के लिए कसीदे पढ़ रहीं सपा विधायक महाराजी देवी, पति 10 साल में बीपीएल से करोड़पति • खबर के अनुसार महाराजी देवी सपा विधायक हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक धाराओं में एक उभरता नाम बनती जा रही हैं। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थक के रूप में सार्वजनिक मंचों, मीडिया इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सक्रिय प्रचार-प्रसार में दिखती हैं, जिससे उनके समर्थक और विरोधी दोनों बिंदुवार राजनीतिक संकेतों पर गौर कर रहे हैं। • खबर में यह भी कहा गया है कि महाराजी देवी CM योगी के लिए कसीदे पढ़ती हैं और उनके शासन-कार्य की प्रशंसा को बार-बार दोहराती हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर PR-आयाम को मजबूत करने की रणनीति मानते हैं ताकि प्रदर्शन, विकास अनुमान और योजनाओं का जनता तक संदेश प्रभावी reach हो सके। • खबर के अनुसार उनके पति बीते दस वर्षों में गरीबी-रेखा (बीपीएल) से करोड़पति बन गए। इस बदलाव को कुछ लोग करियर-उन्नति, व्यापारिक अवसरों या सहयोगी परियोजनाओं के परिणाम के रूप में देख रहे हैं, जबकि otros इसे राजनीतिक लाभ के संकेत के तौर पर लेते हैं; विपक्ष ने इसे सत्ता से जुड़े पक्ष...